ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव को आत्मा का कारक माना जाता है। वे लगभग हर 30 दिन में अपनी राशि बदलते हैं और प्रत्येक राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य की पूजा से व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक कष्ट दूर होते हैं तथा करियर, प्रतिष्ठा और आत्मबल में वृद्धि होती है।